साइबर अपराध व सज़ा

आज टेक्नॉलॉजी का समय है हर व्यक्ति मोबाइल के ज़रिए सीधे टेक्नॉलॉजी से जुड़ा है सोशल नेटवर्किंग, ऑनलाइन शॉपिंग, ऑनलाइन स्टडी, गेमिंग, ऑनलाइन जॉब इत्यादि के कारण लोग इंटरनेट पर निर्भर होते जा रहे हैं आज के समय में इंटरनेट का उपयोग लगभग हर क्षेत्र में किया जा रहा है डिजिटल युग साइबर अपराध को लेकर आया है साइबर अपराध एक आपराधिक गतिविधि है जिसमें किसी भी अपराध को करने के लिए, कंप्यूटर, नेटवर्क डिवाइस या नेटवर्क का उपयोग, एक वस्तु या उपकरण के रूप में किया जाता है जहाँ इनके जरिये अपराधों को अंजाम दिया जाता है ऐसे अपराध में पहचान की चोरी, क्रेडिट कार्ड धोखाधड़ी, कंप्यूटर से व्यक्तिगत डेटा हैक करना, अवैध डाउनलोडिंग, वायरस फैलाना, इत्यादि कई प्रकार की गतिविधियाँ शामिल हैं ।

साइबर अपराध की शिकायत कैसे करें 

साइबर अपराध की शिकायत आप https://cybercrime.gov.in पर भी ऑनलाइन कर सकते हैं व इसके साथ ही आप सादे कागज़ पर अपने क्षेत्र के थाना प्रभारी के नाम शिकायत लिख कर दे सकते हैं यदि आपको थाने से सहयोग नहीं मिलता या आपकी शिकायत पर कार्यवाही नहीं की जाती तो आप थाना प्रभारी से ऊपर के पुलिस अधिकारी डीसीपी इत्यादि के साथ-साथ अपने राज्य के पुलिस कमिश्नर को भी शिकायत की कॉपी भेजे पुलिस द्वारा सहयोग न मिलने पर आप किसी सीआरपीसी की धारा 156 (3) के अंतर्गत किसी एडवोकेट की सहायता से कोर्ट जाकर भी दोषी व्यक्ति की खिलाफ FIR करवा सकते हैं ।

सोशल मीडिया से जुड़े अपराध व सज़ा

सेक्शन

अपराध

सज़ा

66सी आईटी एक्ट पहचान चोरी करना, सोशल मीडिया पर किसी के फोटो इत्यादि का प्रयोग करके प्रोफ़ाइल बनाना । 3 साल या 1 लाख जुर्माना या दोनों
66डी आईटी एक्ट अपनी पहचान छुपा कर किसी अन्य की पहचान इस्तेमाल करना । 3 साल या 1 लाख जुर्माना या दोनों
66ई आईटी एक्ट किसी व्यक्ति की इच्छा के विरुद्ध उसके प्राइवेट पार्ट का फोटो, विडियो बनाना या उसे सोशल मीडिया इत्यादि पर कहीं शेयर कर देना । 3 साल या 2 लाख जुर्माना या दोनों
67 आईटी एक्ट अश्लील सामाग्री का इलेक्ट्रोनिक डिवाइस पर भेजना या सोशल मीडिया इत्यादि शेयर करना । 3 साल या 5 लाख जुर्माना या दोनों
67ए आईटी एक्ट कामुकता (पॉर्न) सामाग्री इलेक्ट्रोनिक डिवाइस पर भेजना या सोशल मीडिया इत्यादि शेयर करना । 5 साल या 10 लाख जुर्माना या दोनों
67बी आईटी एक्ट बच्चो से संबन्धित कामुकता (पॉर्न) सामाग्री इलेक्ट्रोनिक डिवाइस पर भेजना या सोशल मीडिया इत्यादि शेयर करना या डाउनलोड करना या उसे बढ़ावा देना । 5 साल या 10 लाख जुर्माना या दोनों
292 आईपीसी अश्लील सामाग्री रखना 2 साल या 2 हज़ार जुर्माना या दोनों
293 आईपीसी 20 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति को अश्लील सामाग्री भेजना 3 साल या 2 हज़ार जुर्माना या दोनों
419 आईपीसी अपनी पहचान छुपा कर किसी अन्य की पहचान इस्तेमाल करना । 3 साल या जुर्माना या दोनों
500 आईपीसी मानहानि करना 2 साल या जुर्माना या दोनों

Author:

एडवोकेट आफताब फाजिल

9 thoughts on “साइबर अपराध व सज़ा

    1. बहुत अच्छा दिमाग दिया आपने अपनी बात समझा कर धन्यवाद सर हमें इतना अलर्ट करने के लिए

    2. बहुत अच्छा दिमाग दिया आपने अपनी बात समझा कर धन्यवाद सर हमें इतना अलर्ट करने के लिए

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